दिल्ली न्यायिक सेवा (DJS) सिलेबस 2026 को तीन चरणों में विभाजित किया गया है—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (Viva-Voce)। प्रारंभिक परीक्षा 200 अंकों की वस्तुनिष्ठ स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। इसे पूरा करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए निर्धारित अंक का 25% नकारात्मक अंकन (Negative Marking) किया जाता है।
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मुख्य परीक्षा में चार पेपर होते हैं, जो कुल 850 अंकों के होते हैं। दिल्ली न्यायिक सेवा सिलेबस में संवैधानिक कानून, सिविल कानून, आपराधिक कानून, साक्ष्य कानून, वाणिज्यिक कानून और कानूनी समसामयिक घटनाक्रम (Legal Current Affairs) जैसे विषय शामिल हैं। दिल्ली न्यायपालिका परीक्षा सिलेबस 2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) भी शामिल हैं।
अंतिम मेरिट सूची मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (Viva-Voce) में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंकों को अंतिम मेरिट में शामिल नहीं किया जाता है।
DJS प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों के कानूनी ज्ञान, कानूनी अभिरुचि (Legal Aptitude) और अंग्रेजी भाषा का परीक्षण किया जाता है। इसमें कानूनी समस्याओं पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न भी पूछे जाते हैं।
DJS प्रारंभिक परीक्षा का उपयोग केवल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट करने के लिए किया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते हैं। दिल्ली न्यायपालिका प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस में निर्धारित प्रमुख कानून निम्नलिखित हैं:
क्रम संख्या | कानून / अधिनियम |
1 | भारत का संविधान |
2 | भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 |
3 | सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 |
4 | विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 |
5 | परिसीमा अधिनियम, 1963 |
6 | दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 |
7 | भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 |
8 | भारतीय दंड संहिता, 1860 |
9 | भारतीय न्याय संहिता, 2023 |
10 | भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 |
11 | भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 |
12 | मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 |
13 | सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008 |
14 | लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 |
15 | वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 |
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पेपर | विषय | अंक |
पेपर I | सामान्य कानूनी ज्ञान एवं भाषा | 250 |
पेपर II | सिविल लॉ-I | 200 |
पेपर III | सिविल लॉ-II | 200 |
पेपर IV | आपराधिक कानून | 200 |
कुल | 850 |
दिल्ली न्यायपालिका मुख्य परीक्षा सिलेबस में कुल चार पेपर शामिल हैं। मुख्य परीक्षा के सभी पेपरों का कुल अंकभार 850 अंक है। प्रत्येक मुख्य परीक्षा के पेपर के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित है।
मुख्य परीक्षा का पेपर 1 दो भागों में विभाजित है। सामान्य कानूनी ज्ञान खंड 100 अंकों का है, जबकि भाषा खंड 150 अंकों का है। सामान्य कानूनी ज्ञान वाले भाग में वर्तमान कानूनी घटनाक्रम और हालिया कानूनी विकास से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
भाषा खंड में उम्मीदवार की विचारों को स्पष्ट रूप से समझने और व्यक्त करने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है। इसमें निबंध लेखन, अनुवाद और संक्षेपण (Precis Writing) शामिल हैं। उम्मीदवारों को अंग्रेजी से देवनागरी लिपि में हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद करना होता है। दिल्ली न्यायपालिका 2026 के भाषा सिलेबस में व्याकरण, भाषा और अभिव्यक्ति की स्पष्टता का भी परीक्षण किया जाता है।
सिविल लॉ-I में सिविल कानून के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उम्मीदवारों को निम्नलिखित कानूनों की तैयारी करनी चाहिए:
भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
वस्तु विक्रय अधिनियम, 1930
संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882
विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963
हिंदू विधि
मुस्लिम विधि
दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम, 1958
अपकृत्य विधि (Law of Torts)
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद अधिनियम, 1994
दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957
वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015
DJS सिविल लॉ-II सिलेबस में सिविल प्रक्रिया, साक्ष्य, परिसीमा और संबंधित वाणिज्यिक मामलों को शामिल किया गया है। इस पेपर में निम्नलिखित अधिनियम शामिल हैं:
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
परिसीमा अधिनियम, 1963
पंजीकरण अधिनियम, 1908
मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996
ट्रेड मार्क अधिनियम, 1999
कॉपीराइट अधिनियम, 1957
आपराधिक कानून के पेपर में आपराधिक प्रक्रिया, आपराधिक कानून और साक्ष्य के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों तथा न्यायिक कार्यवाही में आमतौर पर सामने आने वाले अन्य क्षेत्रों से संबंधित कानून शामिल हैं। दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस में निम्नलिखित कानून शामिल हैं:
दंड प्रक्रिया संहिता, 1973
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
भारतीय दंड संहिता, 1860
भारतीय न्याय संहिता, 2023
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023
घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005
परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881
कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध और निवारण) अधिनियम, 2013
किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015
साक्षात्कार (Viva-Voce) DJS चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। मुख्य परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।
सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए प्रत्येक मुख्य परीक्षा के पेपर में कम से कम 40% अंक और सभी पेपरों में कुल मिलाकर 50% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% अंक और कुल मिलाकर 45% अंक आवश्यक हैं।
प्रत्येक श्रेणी में रिक्तियों की संख्या के तीन गुना तक उम्मीदवारों को सामान्यतः साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। कटऑफ अंक पर समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को भी शामिल किया जाता है। अंतिम रैंकिंग मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त संयुक्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा के अंक केवल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट करने में उपयोग किए जाते हैं।
परीक्षा चरण | कुल अंक | अवधि | नकारात्मक अंकन | सामान्य वर्ग के उत्तीर्ण अंक | SC/ST/PwD के उत्तीर्ण अंक |
प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ) | 200 | 2 घंटे 30 मिनट | 25% (0.25 अंक) | 60% (120 अंक) | 55% (110 अंक) |
मुख्य परीक्षा - पेपर I (सामान्य ज्ञान एवं भाषा) | 250 | 3 घंटे | लागू नहीं | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50% | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45% |
मुख्य परीक्षा - पेपर II (सिविल लॉ-I) | 200 | 3 घंटे | लागू नहीं | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50% | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45% |
मुख्य परीक्षा - पेपर III (सिविल लॉ-II) | 200 | 3 घंटे | लागू नहीं | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50% | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45% |
मुख्य परीक्षा - पेपर IV (आपराधिक कानून) | 200 | 3 घंटे | लागू नहीं | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50% | प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45% |
साक्षात्कार (Viva-Voce) | 150 | - | लागू नहीं | 50% (75 अंक) | 45% (67.5 अंक) |
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DJS सिलेबस 2026 की तैयारी करने वाले उम्मीदवार निम्नलिखित पुस्तकों और अध्ययन सामग्री का उपयोग कर सकते हैं:
1. सिविल और वाणिज्यिक कानून
सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC): बुनियादी अवधारणाओं के लिए सी.के. टकवानी और उन्नत तैयारी के लिए मुल्ला।
संविदा और विशिष्ट अनुतोष: अवतार सिंह या पोलक एंड मुल्ला।
संपत्ति अंतरण अधिनियम: आर.के. सिन्हा या पूनम प्रधान सक्सेना।
हिंदू और मुस्लिम विधि: पारस दीवान।
अपकृत्य विधि: रतनलाल एंड धीरजलाल या आर.के. बंगिया।
मध्यस्थता और परिसीमा: संबंधित टिप्पणियों (Commentaries) के साथ मानक बेयर एक्ट्स।
2. आपराधिक कानून और साक्ष्य
आपराधिक प्रक्रिया: रतनलाल एंड धीरजलाल या सरकार।
दंड कानून: के.डी. गौर या रतनलाल एंड धीरजलाल।
साक्ष्य कानून: बटुक लाल या अवतार सिंह।
परक्राम्य लिखत अधिनियम: महत्वपूर्ण केस लॉ और नोट्स के साथ बेयर एक्ट।
POCSO, घरेलू हिंसा और किशोर न्याय: यूनिवर्सल या लेक्सिसनेक्सिस के बेयर एक्ट्स।
BNS, BNSS और BSA: नवीनतम बेयर एक्ट्स और अपडेटेड कमेंट्री।
3. दिल्ली से संबंधित विशेष कानून
दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम: आर.सी. श्रीवास्तव या जे.ए. खान।
DMC और NDMC अधिनियम: परीक्षा-केंद्रित नोट्स के साथ यूनिवर्सल या लेक्सिसनेक्सिस के बेयर एक्ट्स।
4. भाषा और सामान्य कानूनी ज्ञान
अंग्रेजी व्याकरण: व्रेन एंड मार्टिन।
कानूनी निबंध: समर्थ अग्रवाल की Legal Essays for Judicial Services।
अनुवाद: नियमित अभ्यास के साथ कानूनी अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद की पुस्तकें।
कानूनी समसामयिक घटनाक्रम: लाइव लॉ, बार एंड बेंच तथा सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय।
5. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट
DJS पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र: यूनिवर्सल की DJS Previous Years' Papers या सिंघल्स लॉ पब्लिकेशन्स।
मुख्य परीक्षा अभ्यास: DJS मॉक टेस्ट, पिछले वर्षों के प्रश्न, निबंध, संक्षेपण (Precis) और अनुवाद अभ्यास।
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Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली न्यायपालिका मुख्य परीक्षा में चार पेपर होते हैं और यह कुल 850 अंकों की होती है।
हां। दिल्ली न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 25% नकारात्मक अंकन का प्रावधान है।
दिल्ली न्यायपालिका प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस में प्रमुख सिविल और आपराधिक कानून, संवैधानिक कानून तथा निर्धारित अन्य कानूनी विषय शामिल हैं।
हां। दिल्ली न्यायपालिका परीक्षा सिलेबस में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के साथ अन्य निर्धारित कानून भी शामिल हैं।