Careers360 Logo
ask-icon
share
    दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस 2026 (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा): मार्किंग स्कीम और उत्तीर्ण अंक
    • लेख
    • दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस 2026 (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा): मार्किंग स्कीम और उत्तीर्ण अंक

    दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस 2026 (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा): मार्किंग स्कीम और उत्तीर्ण अंक

    Switch toEnglish IconHindi Icon
    Mithilesh KumarUpdated on 28 Sep 2026, 04:24 PM IST
    Switch toEnglish IconHindi Icon

    दिल्ली न्यायिक सेवा (DJS) सिलेबस 2026 को तीन चरणों में विभाजित किया गया है—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (Viva-Voce)। प्रारंभिक परीक्षा 200 अंकों की वस्तुनिष्ठ स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। इसे पूरा करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए निर्धारित अंक का 25% नकारात्मक अंकन (Negative Marking) किया जाता है।

    This Story also Contains

    1. दिल्ली न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस 2026 (200 अंक)
    2. DJS मुख्य परीक्षा पेपर 1: सामान्य कानूनी ज्ञान एवं भाषा (250 अंक)
    3. DJS सिविल लॉ-I सिलेबस 2026 (200 अंक)
    4. DJS सिविल लॉ-II सिलेबस 2026 (200 अंक)
    5. DJS आपराधिक कानून सिलेबस 2026 (200 अंक)
    6. दिल्ली न्यायिक सेवा साक्षात्कार 2026 (150 अंक)
    7. दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें 2026
    दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस 2026 (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा): मार्किंग स्कीम और उत्तीर्ण अंक
    दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस 2026

    मुख्य परीक्षा में चार पेपर होते हैं, जो कुल 850 अंकों के होते हैं। दिल्ली न्यायिक सेवा सिलेबस में संवैधानिक कानून, सिविल कानून, आपराधिक कानून, साक्ष्य कानून, वाणिज्यिक कानून और कानूनी समसामयिक घटनाक्रम (Legal Current Affairs) जैसे विषय शामिल हैं। दिल्ली न्यायपालिका परीक्षा सिलेबस 2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) भी शामिल हैं।

    अंतिम मेरिट सूची मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार (Viva-Voce) में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा में प्राप्त अंकों को अंतिम मेरिट में शामिल नहीं किया जाता है।

    दिल्ली न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस 2026 (200 अंक)

    DJS प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों के कानूनी ज्ञान, कानूनी अभिरुचि (Legal Aptitude) और अंग्रेजी भाषा का परीक्षण किया जाता है। इसमें कानूनी समस्याओं पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न भी पूछे जाते हैं।

    DJS प्रारंभिक परीक्षा का उपयोग केवल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट करने के लिए किया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा के अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते हैं। दिल्ली न्यायपालिका प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस में निर्धारित प्रमुख कानून निम्नलिखित हैं:

    दिल्ली न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस 2026

    क्रम संख्या

    कानून / अधिनियम

    1

    भारत का संविधान

    2

    भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

    3

    सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

    4

    विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963

    5

    परिसीमा अधिनियम, 1963

    6

    दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

    7

    भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

    8

    भारतीय दंड संहिता, 1860

    9

    भारतीय न्याय संहिता, 2023

    10

    भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

    11

    भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

    12

    मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996

    13

    सीमित देयता भागीदारी अधिनियम, 2008

    14

    लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012

    15

    वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015

    ये भी पढ़ें :

    KCC Institute of Legal and Higher Education, Greater Noida

    Law Admissions 2026 Open | Avail Merit-Based Scholarships

    Global Institute of Business Studies, Bengaluru

    BBA/MBA/PGDM Early Bird Applications Deadline 19th Oct '26. Apply now using coupon code CAREER250 and get ₹250 off the application fee

    दिल्ली न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा सिलेबस 2026

    पेपर

    विषय

    अंक

    पेपर I

    सामान्य कानूनी ज्ञान एवं भाषा

    250

    पेपर II

    सिविल लॉ-I

    200

    पेपर III

    सिविल लॉ-II

    200

    पेपर IV

    आपराधिक कानून

    200

    कुल


    850

    दिल्ली न्यायपालिका मुख्य परीक्षा सिलेबस में कुल चार पेपर शामिल हैं। मुख्य परीक्षा के सभी पेपरों का कुल अंकभार 850 अंक है। प्रत्येक मुख्य परीक्षा के पेपर के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित है।

    DJS मुख्य परीक्षा पेपर 1: सामान्य कानूनी ज्ञान एवं भाषा (250 अंक)

    मुख्य परीक्षा का पेपर 1 दो भागों में विभाजित है। सामान्य कानूनी ज्ञान खंड 100 अंकों का है, जबकि भाषा खंड 150 अंकों का है। सामान्य कानूनी ज्ञान वाले भाग में वर्तमान कानूनी घटनाक्रम और हालिया कानूनी विकास से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

    भाषा खंड में उम्मीदवार की विचारों को स्पष्ट रूप से समझने और व्यक्त करने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है। इसमें निबंध लेखन, अनुवाद और संक्षेपण (Precis Writing) शामिल हैं। उम्मीदवारों को अंग्रेजी से देवनागरी लिपि में हिंदी और हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद करना होता है। दिल्ली न्यायपालिका 2026 के भाषा सिलेबस में व्याकरण, भाषा और अभिव्यक्ति की स्पष्टता का भी परीक्षण किया जाता है।

    DJS सिविल लॉ-I सिलेबस 2026 (200 अंक)

    सिविल लॉ-I में सिविल कानून के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उम्मीदवारों को निम्नलिखित कानूनों की तैयारी करनी चाहिए:

    1. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872

    2. वस्तु विक्रय अधिनियम, 1930

    3. संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882

    4. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963

    5. हिंदू विधि

    6. मुस्लिम विधि

    7. दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम, 1958

    8. अपकृत्य विधि (Law of Torts)

    9. नई दिल्ली नगरपालिका परिषद अधिनियम, 1994

    10. दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957

    11. वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015

    DJS सिविल लॉ-II सिलेबस 2026 (200 अंक)

    DJS सिविल लॉ-II सिलेबस में सिविल प्रक्रिया, साक्ष्य, परिसीमा और संबंधित वाणिज्यिक मामलों को शामिल किया गया है। इस पेपर में निम्नलिखित अधिनियम शामिल हैं:

    1. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

    2. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

    3. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

    4. परिसीमा अधिनियम, 1963

    5. पंजीकरण अधिनियम, 1908

    6. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996

    7. ट्रेड मार्क अधिनियम, 1999

    8. कॉपीराइट अधिनियम, 1957

    School of Business, UPES, Dehradun

    Ranked #36 amongst institutions in Management by NIRF | 100% Placement

    Great Lakes Institute of Management, Chennai

    Globally Recognized by AACSB (US) & AMBA (UK) | 18 LPA Avg. CTC for PGPM 2026

    DJS आपराधिक कानून सिलेबस 2026 (200 अंक)

    आपराधिक कानून के पेपर में आपराधिक प्रक्रिया, आपराधिक कानून और साक्ष्य के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों तथा न्यायिक कार्यवाही में आमतौर पर सामने आने वाले अन्य क्षेत्रों से संबंधित कानून शामिल हैं। दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस में निम्नलिखित कानून शामिल हैं:

    1. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973

    2. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023

    3. भारतीय दंड संहिता, 1860

    4. भारतीय न्याय संहिता, 2023

    5. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872

    6. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023

    7. घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005

    8. परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881

    9. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध और निवारण) अधिनियम, 2013

    10. किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015

    दिल्ली न्यायिक सेवा साक्षात्कार 2026 (150 अंक)

    साक्षात्कार (Viva-Voce) DJS चयन प्रक्रिया का अंतिम चरण है। मुख्य परीक्षा में निर्धारित न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है।

    सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए प्रत्येक मुख्य परीक्षा के पेपर में कम से कम 40% अंक और सभी पेपरों में कुल मिलाकर 50% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% अंक और कुल मिलाकर 45% अंक आवश्यक हैं।

    प्रत्येक श्रेणी में रिक्तियों की संख्या के तीन गुना तक उम्मीदवारों को सामान्यतः साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। कटऑफ अंक पर समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को भी शामिल किया जाता है। अंतिम रैंकिंग मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त संयुक्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। प्रारंभिक परीक्षा के अंक केवल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट करने में उपयोग किए जाते हैं।

    दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा 2026: मार्किंग स्कीम और उत्तीर्ण अंक

    परीक्षा चरण

    कुल अंक

    अवधि

    नकारात्मक अंकन

    सामान्य वर्ग के उत्तीर्ण अंक

    SC/ST/PwD के उत्तीर्ण अंक

    प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ)

    200

    2 घंटे 30 मिनट

    25% (0.25 अंक)

    60% (120 अंक)

    55% (110 अंक)

    मुख्य परीक्षा - पेपर I (सामान्य ज्ञान एवं भाषा)

    250

    3 घंटे

    लागू नहीं

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50%

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45%

    मुख्य परीक्षा - पेपर II (सिविल लॉ-I)

    200

    3 घंटे

    लागू नहीं

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50%

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45%

    मुख्य परीक्षा - पेपर III (सिविल लॉ-II)

    200

    3 घंटे

    लागू नहीं

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50%

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45%

    मुख्य परीक्षा - पेपर IV (आपराधिक कानून)

    200

    3 घंटे

    लागू नहीं

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 40% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 50%

    प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 35% और सभी मुख्य पेपरों में कुल 45%

    साक्षात्कार (Viva-Voce)

    150

    -

    लागू नहीं

    50% (75 अंक)

    45% (67.5 अंक)

    ये भी पढ़ें :

    दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें 2026

    DJS सिलेबस 2026 की तैयारी करने वाले उम्मीदवार निम्नलिखित पुस्तकों और अध्ययन सामग्री का उपयोग कर सकते हैं:

    1. सिविल और वाणिज्यिक कानून

    • सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC): बुनियादी अवधारणाओं के लिए सी.के. टकवानी और उन्नत तैयारी के लिए मुल्ला।

    • संविदा और विशिष्ट अनुतोष: अवतार सिंह या पोलक एंड मुल्ला।

    • संपत्ति अंतरण अधिनियम: आर.के. सिन्हा या पूनम प्रधान सक्सेना।

    • हिंदू और मुस्लिम विधि: पारस दीवान।

    • अपकृत्य विधि: रतनलाल एंड धीरजलाल या आर.के. बंगिया।

    • मध्यस्थता और परिसीमा: संबंधित टिप्पणियों (Commentaries) के साथ मानक बेयर एक्ट्स।

    2. आपराधिक कानून और साक्ष्य

    • आपराधिक प्रक्रिया: रतनलाल एंड धीरजलाल या सरकार।

    • दंड कानून: के.डी. गौर या रतनलाल एंड धीरजलाल।

    • साक्ष्य कानून: बटुक लाल या अवतार सिंह।

    • परक्राम्य लिखत अधिनियम: महत्वपूर्ण केस लॉ और नोट्स के साथ बेयर एक्ट।

    • POCSO, घरेलू हिंसा और किशोर न्याय: यूनिवर्सल या लेक्सिसनेक्सिस के बेयर एक्ट्स।

    • BNS, BNSS और BSA: नवीनतम बेयर एक्ट्स और अपडेटेड कमेंट्री।

    3. दिल्ली से संबंधित विशेष कानून

    • दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम: आर.सी. श्रीवास्तव या जे.ए. खान।

    • DMC और NDMC अधिनियम: परीक्षा-केंद्रित नोट्स के साथ यूनिवर्सल या लेक्सिसनेक्सिस के बेयर एक्ट्स।

    4. भाषा और सामान्य कानूनी ज्ञान

    • अंग्रेजी व्याकरण: व्रेन एंड मार्टिन।

    • कानूनी निबंध: समर्थ अग्रवाल की Legal Essays for Judicial Services।

    • अनुवाद: नियमित अभ्यास के साथ कानूनी अंग्रेजी-हिंदी अनुवाद की पुस्तकें।

    • कानूनी समसामयिक घटनाक्रम: लाइव लॉ, बार एंड बेंच तथा सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय।

    5. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट

    • DJS पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र: यूनिवर्सल की DJS Previous Years' Papers या सिंघल्स लॉ पब्लिकेशन्स।

    • मुख्य परीक्षा अभ्यास: DJS मॉक टेस्ट, पिछले वर्षों के प्रश्न, निबंध, संक्षेपण (Precis) और अनुवाद अभ्यास।

    ये भी पढ़ें :


    Frequently Asked Questions (FAQs)

    Q: दिल्ली न्यायपालिका मुख्य परीक्षा कितने अंकों की होती है?
    A:

    दिल्ली न्यायपालिका मुख्य परीक्षा में चार पेपर होते हैं और यह कुल 850 अंकों की होती है।

    Q: क्या दिल्ली न्यायपालिका प्रारंभिक परीक्षा में नकारात्मक अंकन होता है?
    A:

    हां। दिल्ली न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 25% नकारात्मक अंकन का प्रावधान है।

    Q: दिल्ली न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा का सिलेबस क्या है?
    A:

    दिल्ली न्यायपालिका प्रारंभिक परीक्षा सिलेबस में प्रमुख सिविल और आपराधिक कानून, संवैधानिक कानून तथा निर्धारित अन्य कानूनी विषय शामिल हैं।

    Q: क्या दिल्ली न्यायपालिका सिलेबस में BNS, BNSS और BSA शामिल हैं?
    A:

    हां। दिल्ली न्यायपालिका परीक्षा सिलेबस में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के साथ अन्य निर्धारित कानून भी शामिल हैं।