Careers360 Logo
ask-icon
share
    एलएलबी कितने साल का होता है? जानें 3 साल और 5 साल के एलएलबी में अंतर
    • लेख
    • एलएलबी कितने साल का होता है? जानें 3 साल और 5 साल के एलएलबी में अंतर

    एलएलबी कितने साल का होता है? जानें 3 साल और 5 साल के एलएलबी में अंतर

    Mithilesh KumarUpdated on 14 Oct 2026, 10:20 AM IST

    एलएलबी (LLB) यानी बैचलर ऑफ लॉ (Bachelor of Laws) कानून के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक प्रमुख डिग्री कोर्स है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थी निर्धारित पात्रता और अन्य आवश्यक शर्तें पूरी करके वकालत के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, बहुत से विद्यार्थियों के मन में सवाल होता है कि एलएलबी कितने साल का होता है और 3 साल के एलएलबी तथा 5 साल के एलएलबी में क्या अंतर है?

    एलएलबी कितने साल का होता है? जानें 3 साल और 5 साल के एलएलबी में अंतर
    एलएलबी कितने साल का होता है? जानें 3 साल और 5 साल के एलएलबी में अंतर

    भारत में एलएलबी की अवधि मुख्य रूप से कोर्स के प्रकार पर निर्भर करती है। 3 साल का एलएलबी ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद किया जाता है, जबकि 5 साल का इंटीग्रेटेड एलएलबी कोर्स 12वीं कक्षा के बाद किया जा सकता है। दोनों कोर्स कानून की पढ़ाई और आगे कानूनी पेशे में प्रवेश का रास्ता प्रदान करते हैं, लेकिन इनकी प्रवेश योग्यता, पाठ्यक्रम संरचना और कुल अवधि अलग-अलग होती है।

    इस लेख में हम जानेंगे कि एलएलबी कितने साल का होता है, 3 साल और 5 साल के एलएलबी में क्या अंतर है, प्रवेश के लिए क्या योग्यता चाहिए और दोनों में से कौन-सा कोर्स आपकी शैक्षणिक स्थिति के अनुसार उपयुक्त हो सकता है।

    ये भी पढ़ें :

    3 साल और 5 साल के एलएलबी में मुख्य अंतर

    तीन साल और पांच साल के एलएलबी कोर्स के बीच सबसे बड़ा अंतर प्रवेश के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और पाठ्यक्रम की संरचना का है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों के अनुसार, तीन वर्षीय एलएलबी डिग्री ग्रेजुएशन के बाद और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ डिग्री 12वीं के बाद की जा सकती है।

    अंतर का आधार

    3 साल का एलएलबी

    5 साल का एलएलबी

    कोर्स की अवधि

    3 साल

    5 साल

    प्रवेश योग्यता

    किसी मान्यता प्राप्त विषय में ग्रेजुएशन

    12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण

    प्रवेश का समय

    ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद

    12वीं के बाद

    कोर्स का प्रकार

    कानून की स्वतंत्र डिग्री

    इंटीग्रेटेड डिग्री कोर्स

    डिग्री का उदाहरण

    एलएलबी (LLB)

    बीए एलएलबी (BA LLB), बीबीए एलएलबी (BBA LLB), बीकॉम एलएलबी (BCom LLB)

    पढ़ाई की संरचना

    कानून के विषयों पर केंद्रित पाठ्यक्रम

    सामान्य स्नातक विषयों और कानून की पढ़ाई का एकीकृत पाठ्यक्रम

    किसके लिए उपयोगी

    ग्रेजुएशन के बाद कानून पढ़ने वाले विद्यार्थी

    12वीं के बाद कानून में करियर बनाने की योजना रखने वाले विद्यार्थी

    ध्यान दें कि न्यूनतम अंकों की पात्रता, प्रवेश परीक्षा और चयन प्रक्रिया संस्थान तथा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

    ये भी पढ़ें :

    KCC Institute of Legal and Higher Education, Greater Noida

    Law Admissions 2026 Open | Avail Merit-Based Scholarships

    Global Institute of Business Studies, Bengaluru

    BBA/MBA/PGDM Early Bird Applications Deadline 19th Oct '26. Apply now using coupon code CAREER250 and get ₹250 off the application fee

    3 साल का एलएलबी कोर्स क्या है?

    तीन वर्षीय एलएलबी उन विद्यार्थियों के लिए है, जिन्होंने पहले ही किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त कर ली है। इसमें प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी ने बीए (BA), बीकॉम (BCom), बीएससी (BSc) या किसी अन्य मान्य विषय में ग्रेजुएशन किया हो सकता है।

    इस कोर्स में विद्यार्थियों को संवैधानिक कानून, आपराधिक कानून, संविदा कानून, संपत्ति कानून, सिविल प्रक्रिया और अन्य कानूनी विषयों की पढ़ाई कराई जाती है।

    3 साल के एलएलबी की मुख्य विशेषताएं:

    • अवधि: 3 वर्ष।

    • योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन।

    • पाठ्यक्रम: कानून से संबंधित विषयों पर केंद्रित।

    • प्रवेश: विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा, मेरिट या निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर।

    • करियर: वकालत, कानूनी सलाह, कॉर्पोरेट लॉ और अन्य कानूनी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर।

    5 साल का एलएलबी कोर्स क्या है?

    पांच वर्षीय एलएलबी एक इंटीग्रेटेड डिग्री कोर्स है, जिसे विद्यार्थी 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद कर सकते हैं। इस पाठ्यक्रम में कानून की पढ़ाई के साथ एक अन्य विषय या स्नातक डिग्री को जोड़ा जाता है।

    इस कोर्स के प्रमुख उदाहरण बीए एलएलबी (BA LLB), बीबीए एलएलबी (BBA LLB) और बीकॉम एलएलबी (BCom LLB) हैं। उदाहरण के लिए, बीए एलएलबी में कला संकाय के विषयों के साथ कानून की पढ़ाई कराई जाती है, जबकि बीबीए एलएलबी में व्यवसाय और प्रबंधन से जुड़े विषय शामिल होते हैं।

    5 साल के एलएलबी की मुख्य विशेषताएं:

    • अवधि: 5 वर्ष।

    • योग्यता: 12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण।

    • पाठ्यक्रम: स्नातक स्तर के विषयों और कानून की पढ़ाई का संयोजन।

    • प्रवेश: संस्थान के अनुसार प्रवेश परीक्षा या अन्य निर्धारित चयन प्रक्रिया।

    • करियर: वकालत, कॉर्पोरेट लॉ, कानूनी परामर्श और अन्य संबंधित क्षेत्रों में करियर के अवसर।

    School of Business, UPES, Dehradun

    Ranked #36 amongst institutions in Management by NIRF | 100% Placement

    Great Lakes Institute of Management, Chennai

    Globally Recognized by AACSB (US) & AMBA (UK) | 18 LPA Avg. CTC for PGPM 2026

    उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) के कई पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम में प्रवेश के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) आयोजित किया जाता है। हालांकि, सभी कॉलेजों में प्रवेश के लिए CLAT अनिवार्य नहीं है।

    एलएलबी करने के लिए योग्यता क्या होनी चाहिए?

    तीन वर्षीय और पांच वर्षीय एलएलबी कोर्स में प्रवेश के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित हैं। विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की पात्रता शर्तों की जांच करनी चाहिए।

    योग्यता का आधार

    3 वर्षीय एलएलबी

    5 वर्षीय एलएलबी

    शैक्षणिक योग्यता

    ग्रेजुएशन

    12वीं पास

    विषय की अनिवार्यता

    सामान्यतः किसी भी विषय में स्नातक

    सामान्यतः किसी भी संकाय से 12वीं

    न्यूनतम अंक

    विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार

    विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार

    प्रवेश परीक्षा

    संस्थान के अनुसार

    संस्थान के अनुसार

    आयु सीमा

    लागू नियमों के अनुसार

    लागू नियमों के अनुसार

    बार काउंसिल ऑफ इंडिया के कानूनी शिक्षा नियमों में तीन वर्षीय एलएलबी के लिए स्नातक डिग्री और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी के लिए 12वीं या समकक्ष परीक्षा की योग्यता निर्धारित है। न्यूनतम अंकों और अन्य शर्तों के लिए संबंधित संस्थान के नवीनतम प्रवेश विवरण को देखना जरूरी है।

    ये भी पढ़ें :

    एलएलबी में प्रवेश कैसे मिलता है?

    एलएलबी कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया कॉलेज और विश्वविद्यालय के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कुछ संस्थान प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, जबकि अन्य संस्थान मेरिट या अपनी निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर दाखिला देते हैं।

    प्रवेश की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:

    1. कोर्स चुनें: पहले तय करें कि आपको 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी करना है या ग्रेजुएशन के बाद तीन वर्षीय एलएलबी।

    2. कॉलेज और विश्वविद्यालय चुनें: संबंधित संस्थान की मान्यता, पाठ्यक्रम, फीस और प्रवेश की शर्तों की जांच करें।

    3. प्रवेश परीक्षा की जानकारी लें: पता करें कि चुने गए कॉलेज में प्रवेश के लिए कौन-सी परीक्षा आवश्यक है।

    4. आवेदन फॉर्म भरें: निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें और जरूरी दस्तावेज जमा करें।

    5. चयन प्रक्रिया पूरी करें: प्रवेश परीक्षा, मेरिट सूची या संस्थान द्वारा निर्धारित अन्य चरणों में भाग लें।

    6. दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करें: चयन होने पर प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी करें।

    एलएलबी के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं

    क्लैट (CLAT)

    राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (NLUs) में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली प्रमुख परीक्षा। सभी कॉलेजों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा अनिवार्य नहीं है।

    CLAT - Common Law Admission Test | Exam Date, Admit Card, Syllabus, Exam Pattern, Result, Latest News

    आधिकारिक वेबसाइट: consortiumofnlus.ac.in

    आईलेट (AILET)

    नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा आईलेट (AILET) है। आईलेट (AILET) के माध्यम सेदिल्ली विश्वविद्यालय के संबंधित निर्धारित लॉ कार्यक्रमों में प्रवेश मिलता है।

    AILET Exam 2025: Notification, Dates, Eligibility, Syllabus, Pattern & Results

    आधिकारिक वेबसाइट: nationallawuniversitydelhi.in

    एमएचटी सीईटी लॉ (MH CET Law)

    महाराष्ट्र के भाग लेने वाले संस्थानों में तीन वर्षीय और पांच वर्षीय लॉ पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा। एमएचटी सीईटी लॉ (MH CET Law) पात्रता और उपलब्ध कॉलेजों की जानकारी आधिकारिक प्रवेश विवरण से जांचें।

    MH CET Law 2026 Exam: Dates, Eligibility, Application, Pattern & Counselling

    आधिकारिक वेबसाइट: cetcell.mahacet.org

    ध्यान दें कि प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से उपलब्ध कोर्स और कॉलेज अलग-अलग हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित परीक्षा आपके इच्छित एलएलबी कार्यक्रम के लिए मान्य है।

    ये भी पढ़ें :

    3 साल और 5 साल के एलएलबी में से कौन-सा कोर्स चुनें?

    तीन वर्षीय और पांच वर्षीय एलएलबी में चुनाव मुख्य रूप से आपकी वर्तमान शैक्षणिक योग्यता और करियर योजना पर निर्भर करता है।

    अगर आप 12वीं के बाद कानून पढ़ना चाहते हैं तो

    पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी पर विचार कर सकते हैं। इसमें स्नातक स्तर के विषयों और कानून की पढ़ाई को एक ही पाठ्यक्रम में पूरा किया जाता है।

    उदाहरण: बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी और बीकॉम एलएलबी।

    अगर आप पहले से ग्रेजुएट हैं तो

    तीन वर्षीय एलएलबी आपके लिए उपलब्ध विकल्प हो सकता है। इसमें आप अपनी स्नातक डिग्री के बाद कानून की पढ़ाई कर सकते हैं।

    उदाहरण: बीए, बीकॉम या बीएससी के बाद तीन वर्षीय एलएलबी।

    दोनों रास्तों से मान्यता प्राप्त कानून की डिग्री हासिल की जा सकती है। वकालत करने के लिए डिग्री के साथ लागू व्यावसायिक पात्रता और नामांकन संबंधी शर्तों को भी पूरा करना होता है।

    ये भी पढ़ें :

    एलएलबी करने के बाद करियर के विकल्प

    तीन वर्षीय या पांच वर्षीय एलएलबी पूरा करने के बाद विद्यार्थी अपनी रुचि, कौशल और आवश्यक पात्रता के अनुसार कानून से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।

    • वकील : आवश्यक शर्तें पूरी करके राज्य बार काउंसिल में नामांकन और लागू परीक्षा संबंधी आवश्यकताएं पूरी करने के बाद वकालत के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।

    • कॉर्पोरेट लॉ : कंपनियों के कानूनी मामलों, अनुबंधों और नियामकीय अनुपालन से संबंधित कार्य कर सकते हैं।

    • कानूनी सलाहकार : संगठनों और संस्थानों को कानूनी मामलों में सलाह देने के क्षेत्र में काम कर सकते हैं।

    • न्यायिक सेवाएं : निर्धारित शैक्षणिक और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करके न्यायिक सेवा परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं।

    • कानूनी शोध : कानून, नीतियों और न्यायिक निर्णयों से जुड़े शोध कार्यों में अवसर तलाश सकते हैं।

    • उच्च शिक्षा : आगे एलएलएम (LLM) जैसे पाठ्यक्रमों के माध्यम से कानून के किसी विशेष क्षेत्र में अध्ययन कर सकते हैं।

    करियर के विकल्प संबंधित पद की पात्रता, भर्ती प्रक्रिया और लागू नियमों पर निर्भर करते हैं।

    एलएलबी कोर्स की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि आप 12वीं के बाद कानून की पढ़ाई शुरू कर रहे हैं या ग्रेजुएशन के बाद। 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी और ग्रेजुएशन के बाद तीन वर्षीय एलएलबी का विकल्प उपलब्ध है। इसलिए, अपनी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार कोर्स चुनें। दाखिला लेने से पहले कॉलेज की मान्यता, फीस, प्रवेश परीक्षा और पात्रता संबंधी जानकारी अवश्य जांच लें।

    ये भी पढ़ें :

    Frequently Asked Questions (FAQs)

    Q: एलएलबी कितने साल का होता है?
    A:

    भारत में एलएलबी मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। ग्रेजुएशन के बाद तीन वर्षीय एलएलबी और 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी किया जा सकता है।

    Q: क्या 12वीं के बाद एलएलबी कर सकते हैं?
    A:

    हां, 12वीं के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी कोर्स में प्रवेश लिया जा सकता है। इसके लिए संबंधित कॉलेज की पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

    Q: क्या ग्रेजुएशन के बाद 3 साल का एलएलबी कर सकते हैं?
    A:

    हां, किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री पूरी करने के बाद तीन वर्षीय एलएलबी के लिए आवेदन किया जा सकता है। प्रवेश संबंधित संस्थान के नियमों के अनुसार मिलेगा।

    Q: क्या 3 साल और 5 साल के एलएलबी की डिग्री अलग होती है?
    A:

    तीन वर्षीय एलएलबी में कानून की डिग्री ग्रेजुएशन के बाद की जाती है, जबकि पांच वर्षीय एलएलबी में कानून और स्नातक स्तर के विषयों को एकीकृत किया जाता है। दोनों के पाठ्यक्रम और डिग्री का स्वरूप अलग होता है।

    Q: एलएलबी करने के लिए कौन-सा स्ट्रीम जरूरी है?
    A:

    पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी के लिए सामान्यतः 12वीं किसी भी संकाय से की जा सकती है। तीन वर्षीय एलएलबी के लिए किसी मान्यता प्राप्त विषय में ग्रेजुएशन आवश्यक है। हालांकि, संस्थान की विशेष शर्तें लागू हो सकती हैं।

    Q: क्या एलएलबी करने के बाद वकील बन सकते हैं?
    A:

    हां, मान्यता प्राप्त संस्थान से कानून की डिग्री पूरी करने के बाद निर्धारित नामांकन और अन्य लागू व्यावसायिक शर्तें पूरी करके वकालत के क्षेत्र में प्रवेश किया जा सकता है।