Careers360 Logo
ask-icon
share
    यूपी में लॉ कॉलेज : प्रमुख कॉलेज, योग्यता, कोर्स, फीस और प्रवेश प्रक्रिया
    • लेख
    • यूपी में लॉ कॉलेज : प्रमुख कॉलेज, योग्यता, कोर्स, फीस और प्रवेश प्रक्रिया

    यूपी में लॉ कॉलेज : प्रमुख कॉलेज, योग्यता, कोर्स, फीस और प्रवेश प्रक्रिया

    Mithilesh KumarUpdated on 07 Oct 2026, 03:27 PM IST

    उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है, जहां कानून की पढ़ाई के लिए सरकारी, केंद्रीय, राष्ट्रीय और निजी स्तर के कई प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। 12वीं के बाद छात्र पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स जैसे बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी और बीकॉम एलएलबी में प्रवेश ले सकते हैं, जबकि किसी भी विषय में स्नातक करने के बाद तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स का विकल्प भी उपलब्ध है।

    This Story also Contains

    1. यूपी के प्रमुख लॉ कॉलेज
    2. यूपी में लॉ के प्रमुख कोर्स
    3. यूपी में लॉ कॉलेज में प्रवेश के लिए योग्यता
    4. यूपी के टॉप लॉ कॉलेज और फीस
    5. यूपी में लॉ कॉलेज में एडमिशन कैसे लें?
    6. क्लैट से यूपी के लॉ कॉलेज में प्रवेश
    7. यूपी में सरकारी लॉ कॉलेज
    8. यूपी में प्राइवेट लॉ कॉलेज
    9. यूपी में लॉ करने के बाद करियर विकल्प
    यूपी में लॉ कॉलेज : प्रमुख कॉलेज, योग्यता, कोर्स, फीस और प्रवेश प्रक्रिया
    यूपी में लॉ कॉलेज 2026

    यूपी में कानून की शिक्षा के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान छात्रों की पसंद में शामिल हैं।

    इन लॉ कॉलेजों में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं और पात्रता मानदंडों का पालन करना होता है। कुछ संस्थान राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला देते हैं, जबकि कई विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा या मेरिट के माध्यम से एडमिशन प्रदान करते हैं। इस लेख में उत्तर प्रदेश के प्रमुख लॉ कॉलेजों, उपलब्ध लॉ कोर्स, पात्रता, फीस और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

    यूपी के प्रमुख लॉ कॉलेज

    उत्तर प्रदेश में कानून की पढ़ाई के लिए कई अच्छे संस्थान हैं। इनमें राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय और निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं।

    कॉलेज/संस्थान

    शहर

    प्रमुख कोर्स

    डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय

    लखनऊ

    बीए एलएलबी (ऑनर्स), एलएलएम

    अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय

    अलीगढ़

    बीए एलएलबी, एलएलबी, एलएलएम

    बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

    वाराणसी

    एलएलबी, एलएलएम

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय

    प्रयागराज

    एलएलबी, एलएलएम

    लखनऊ विश्वविद्यालय

    लखनऊ

    एलएलबी, एलएलएम

    बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय

    लखनऊ

    एलएलबी, एलएलएम

    गलगोटियास विश्वविद्यालय

    ग्रेटर नोएडा

    बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी, एलएलएम

    लॉयड लॉ कॉलेज

    ग्रेटर नोएडा

    बीए एलएलबी, एलएलबी

    आईएमएस लॉ कॉलेज

    नोएडा

    बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी, एलएलबी

    एमिटी लॉ स्कूल

    नोएडा

    बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी, एलएलएम

    ये भी पढ़ें :

    KCC ITM | Law Admissions 2026

    Law Admissions 2026 Open | Avail Merit-Based Scholarships

    ICFAI University Sikkim Law Admissions 2026

    Approved by BCI


    यूपी में लॉ के प्रमुख कोर्स

    उत्तर प्रदेश के लॉ कॉलेजों में विद्यार्थियों के लिए मुख्य रूप से निम्न कानून पाठ्यक्रम उपलब्ध होते हैं।

    बीए एलएलबी

    बीए एलएलबी पांच वर्षीय एकीकृत स्नातक कानून पाठ्यक्रम है। इसमें कला विषयों के साथ कानून की पढ़ाई कराई जाती है। 12वीं पास विद्यार्थी इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं।

    बीबीए एलएलबी

    बीबीए एलएलबी भी पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम है। इसमें व्यवसाय प्रबंधन और कानून दोनों विषयों की पढ़ाई होती है। यह कोर्स कॉरपोरेट लॉ, कंपनी लॉ और बिजनेस से जुड़े कानूनी क्षेत्रों में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।

    एलएलबी

    एलएलबी तीन वर्षीय कानून पाठ्यक्रम है। इसे किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री पूरी करने के बाद किया जा सकता है।

    एलएलएम

    एलएलएम कानून में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम है। इसमें विद्यार्थी कानून की किसी विशेष शाखा में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं।

    ये भी पढ़ें :

    CLAT Sample Paper 2027 with Answer Key
    Download CLAT 2027 sample paper PDF with the latest exam pattern. Practice descriptive questions, improve accuracy, and strengthen your preparation for the upcoming CLAT exam.
    Download Ebook

    यूपी में लॉ कॉलेज में प्रवेश के लिए योग्यता

    लॉ कोर्स में प्रवेश की योग्यता पाठ्यक्रम और कॉलेज के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

    12वीं के बाद 5 वर्षीय लॉ कोर्स

    बीए एलएलबी या बीबीए एलएलबी में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थी को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। कुछ संस्थान न्यूनतम प्रतिशत निर्धारित करते हैं।

    प्रमुख राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए आमतौर पर कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) जैसी प्रवेश परीक्षा महत्वपूर्ण होती है। हालांकि, प्रत्येक संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया अलग हो सकती है।

    स्नातक के बाद 3 वर्षीय एलएलबी

    तीन वर्षीय एलएलबी में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। न्यूनतम अंकों की शर्त संबंधित विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार होती है।

    यूपी के टॉप लॉ कॉलेज और फीस

    लॉ कॉलेज की फीस संस्थान, कोर्स और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग होती है। सरकारी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में फीस आमतौर पर निजी संस्थानों की तुलना में कम होती है।

    कॉलेज

    शहर

    कोर्स

    अनुमानित फीस

    आरएमएलएनएलयू

    लखनऊ

    BA LLB

    संस्थान के नियमों के अनुसार

    एएमयू

    अलीगढ़

    BA LLB, LLB

    संस्थान के नियमों के अनुसार

    बीएचयू

    वाराणसी

    LLB, LLM

    संस्थान के नियमों के अनुसार

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय

    प्रयागराज

    LLB, LLM

    संस्थान के नियमों के अनुसार

    लखनऊ विश्वविद्यालय

    लखनऊ

    LLB, LLM

    संस्थान के नियमों के अनुसार

    बीबीएयू

    लखनऊ

    LLB, LLM

    संस्थान के नियमों के अनुसार

    Galgotias University

    ग्रेटर नोएडा

    BA LLB, BBA LLB

    संस्थान के अनुसार

    Lloyd Law College

    ग्रेटर नोएडा

    BA LLB, LLB

    संस्थान के अनुसार

    नोट: फीस हर शैक्षणिक वर्ष में बदल सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम फीस की जांच करनी चाहिए।

    यूपी में लॉ कॉलेज में एडमिशन कैसे लें?

    यूपी के लॉ कॉलेजों में प्रवेश अलग-अलग माध्यमों से होता है। विद्यार्थी को सबसे पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार कोर्स का चयन करना चाहिए। इसके बाद संबंधित कॉलेज या विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा, आवेदन प्रक्रिया और काउंसलिंग में भाग लेना होता है।

    पांच वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के लॉ कोर्स के लिए CLAT एक प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। वहीं कुछ विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं या मेरिट के आधार पर प्रवेश देते हैं।

    ये भी पढ़ें :

    TopRankers Judiciary Exam Prep

    Register for Judiciary Exam Preparation from TopRankers.

    क्लैट से यूपी के लॉ कॉलेज में प्रवेश

    CLAT यानी कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसके माध्यम से देश के कई राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में पांच वर्षीय एकीकृत लॉ कोर्स में प्रवेश मिलता है।

    यूपी में डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ में प्रवेश के लिए CLAT महत्वपूर्ण है। इसलिए इस संस्थान में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को CLAT की तैयारी करनी चाहिए।

    यूपी में सरकारी लॉ कॉलेज

    सरकारी और सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें प्रमुख रूप से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय और बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय जैसे संस्थान शामिल हैं।

    सरकारी संस्थानों की फीस कई निजी लॉ कॉलेजों की तुलना में कम हो सकती है। हालांकि, प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा अधिक हो सकती है।

    यूपी में प्राइवेट लॉ कॉलेज

    उत्तर प्रदेश में नोएडा और ग्रेटर नोएडा सहित कई शहरों में निजी लॉ कॉलेज और विश्वविद्यालय हैं। इनमें गलगोटियास विश्वविद्यालय, लॉयड लॉ कॉलेज, आईएमएस लॉ कॉलेज और एमिटी विश्वविद्यालय जैसे संस्थान शामिल हैं।

    निजी संस्थानों की फीस आमतौर पर सरकारी संस्थानों से अधिक होती है। हालांकि, कई संस्थान विद्यार्थियों को आधुनिक कैंपस, मूट कोर्ट, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं।

    ये भी पढ़ें :

    बीए एलएलबी सिलेबस एवं विषय 2026-27 - प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विषय एवं पाठ्यक्रम

    यूपी में लॉ करने के बाद करियर विकल्प

    लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। प्रमुख करियर विकल्पों में शामिल हैं:

    • अधिवक्ता

    • कॉरपोरेट वकील

    • कानूनी सलाहकार

    • विधि अधिकारी

    • सरकारी वकील

    • न्यायिक सेवा

    • बैंकिंग एवं बीमा क्षेत्र में कानूनी अधिकारी

    • लीगल कंसल्टेंट

    • कानूनी शोधकर्ता

    • कानून शिक्षक

    • कंपनी और कॉरपोरेट क्षेत्र में अनुपालन अधिकारी

    लॉ की डिग्री पूरी करने के बाद अदालत में वकालत करने के लिए संबंधित नियमों के अनुसार बार काउंसिल में पंजीकरण और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

    ये भी पढ़ें :

    Articles
    |
    Certifications By Top Providers
    The Essence of Leadership Explorations from Literature
    Via Indian Institute of Management Bangalore
    Indian Philosophy
    Via Indian Institute of Technology Madras
    Consumer Psychology
    Via Indian Institute of Technology Guwahati
    Sociology XI Part-I
    Via School of International Studies, Jawaharlal Nehru University, New Delhi
    Counselling Psychology
    Via Indira Gandhi National Open University, New Delhi
    Explore Top Universities Across Globe

    Questions related to CLAT

    On Question asked by student community

    Have a question related to CLAT ?

    Hello student,

    CLAT 2027 aspirants can access these monthly current affairs compilations for regular revision. Use these resources to stay updated with important events and topics for CLAT 2027.

    CLAT 2027 Current Affairs - Monthly Compilations


    Particular

    Download PDF

    CLAT Current Affairs- August Month (2026)

    Download PDF

    CLAT Current Affairs-

    If you have only two months, use a highly structured plan: daily current affairs, English reading, legal reasoning practice, logical reasoning sets, basic quantitative practice and regular full-length mocks. Spend as much time analysing incorrect questions as taking the mock itself. Consistency during these two months can make a substantial

    For CLAT 2027 UG, candidates need to have passed Class 12/equivalent with at least 45% marks, or 40% for SC/ST/PwD candidates.

    In your situation, having an RT in an additional subject but subsequently passing the required qualification through an improvement examination does not automatically make you ineligible. However, the important