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    12वीं के बाद वकील कैसे बनें 2027-28: कोर्स, योग्यता, फीस, प्रवेश परीक्षा और टॉप कॉलेज
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    • 12वीं के बाद वकील कैसे बनें 2027-28: कोर्स, योग्यता, फीस, प्रवेश परीक्षा और टॉप कॉलेज

    12वीं के बाद वकील कैसे बनें 2027-28: कोर्स, योग्यता, फीस, प्रवेश परीक्षा और टॉप कॉलेज

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    Mithilesh KumarUpdated on 24 Aug 2026, 10:29 AM IST
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    जो छात्र कक्षा 12वीं के बाद वकील बनना चाहते हैं, वे पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी प्रोग्राम में प्रवेश ले सकते हैं। भारत के लॉ स्कूलों द्वारा बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी और बीएससी एलएलबी जैसे लोकप्रिय लॉ कोर्स ऑफर किए जाते हैं। शैक्षणिक सत्र 2027-28 में प्रवेश के लिए उम्मीदवार राष्ट्रीय स्तर की लॉ प्रवेश परीक्षाओं, जैसे क्लैट, आईलेट और स्लैट या राज्य स्तरीय परीक्षाओं, जैसे एमएच सीईटी लॉ, टीएस/एपी लॉसेट और केएलईई में शामिल हो सकते हैं।

    This Story also Contains

    1. कक्षा 12वीं के बाद आवेदन करने के लिए लॉ कोर्स
    2. वकील बनने के लिए चरणबद्ध प्रवेश प्रक्रिया
    3. 2026-27 प्रवेश सत्र के लिए लॉ प्रवेश परीक्षाएं
    4. क्लैट 2027 सिलेबस
    5. आईलेट (ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट)
    6. एमएच सीईटी लॉ (महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट - लॉ)
    7. एसएलएटी (सिम्बायोसिस लॉ एडमिशन टेस्ट)
    8. 12वीं के बाद अन्य लोकप्रिय लॉ प्रवेश परीक्षाएं
    9. एनआईआरएफ 2025 लॉ रैंकिंग के आधार पर भारत के टॉप 10 लॉ कॉलेज
    10. एलएलबी फीस स्ट्रक्चर
    11. लॉ करने के बाद करियर स्कोप
    12वीं के बाद वकील कैसे बनें 2027-28: कोर्स, योग्यता, फीस, प्रवेश परीक्षा और टॉप कॉलेज
    12वीं के बाद वकील कैसे बनें 2027

    पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) उत्तीर्ण करके, स्टेट बार काउंसिल में नामांकन कराने और सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस प्राप्त करने के बाद वकालत कर सकते हैं। इसके अलावा, कई सरकारी और निजी विश्वविद्यालय अपनी अलग लॉ प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं या कक्षा 12वीं के अंकों अथवा अन्य चयन मानदंडों के आधार पर बिना प्रवेश परीक्षा के लॉ एडमिशन भी प्रदान करते हैं।

    कक्षा 12वीं के बाद आवेदन करने के लिए लॉ कोर्स

    लॉ कोर्स

    विषय/अध्ययन का क्षेत्र

    बीए एलएलबी (BA LLB)

    राजनीति विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र जैसे कला एवं मानविकी विषयों के साथ संवैधानिक कानून, आपराधिक कानून, कॉन्ट्रैक्ट लॉ, टॉर्ट्स, फैमिली लॉ और ज्यूरिस्प्रूडेंस जैसे कानून विषयों का अध्ययन।

    बीबीए एलएलबी (BBA LLB)

    बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, मैनेजमेंट और कॉमर्स के साथ कॉरपोरेट लॉ, टैक्सेशन, बौद्धिक संपदा अधिकार, मर्जर एवं एक्विजिशन और कमर्शियल लॉ का अध्ययन।

    बीकॉम एलएलबी (BCom LLB)

    कॉमर्स, अकाउंटिंग, अर्थशास्त्र और टैक्सेशन के साथ कमर्शियल लॉ का अध्ययन।

    बीएससी एलएलबी (BSc LLB)

    बायोटेक्नोलॉजी जैसे विज्ञान विषयों के साथ टेक्नोलॉजी लॉ, बौद्धिक संपदा और विज्ञान से संबंधित विनियमों एवं कानून का अध्ययन।

    बीएसडब्ल्यू एलएलबी (BSW LLB)

    सामाजिक कानून, मानवाधिकार, कानूनी सहायता, सार्वजनिक नीति, श्रम कानून और सामाजिक कल्याण से संबंधित विषयों का अध्ययन।

    बीएलएस एलएलबी (BLS LLB)

    कानून पर केंद्रित एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम, जो चुनिंदा संस्थानों द्वारा ऑफर किया जाता है।

    बीटेक एलएलबी (BTech LLB)

    टेक्नोलॉजी लॉ, बौद्धिक संपदा, डेटा और अन्य टेक्नो-लीगल क्षेत्रों का अध्ययन। यह छह वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम है।


    ये भी पढ़ें :

    बीए एलएलबी सिलेबस एवं विषय 2026-27 - प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विषय एवं पाठ्यक्रम

    पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी कोर्स में स्नातक डिग्री और कानूनी शिक्षा को एक साथ शामिल किया जाता है, जिससे छात्र दोनों योग्यताएं पांच वर्षों में पूरी कर सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक लॉ प्रोग्राम की उपलब्धता संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालय पर निर्भर करती है।

    पात्रता मानदंड

    हालांकि उम्मीदवार जिस विश्वविद्यालय और प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके अनुसार पात्रता मानदंड अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्य आवश्यकताएं इस प्रकार हैं:

    • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र भी अधिकांश लॉ प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    • न्यूनतम अंक: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आमतौर पर न्यूनतम 45% अंक आवश्यक होते हैं। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को संबंधित संस्थान के नियमों के अनुसार अंकों में छूट दी जाती है।

    • स्ट्रीम: आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस, सभी स्ट्रीम के छात्र अधिकांश इंटीग्रेटेड एलएलबी प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, कुछ विशेष कोर्स, जैसे कुछ बीएससी एलएलबी प्रोग्राम के लिए विज्ञान विषयों का होना आवश्यक हो सकता है।

    • आयु सीमा: क्लैट, एआईएलईटी और एसएलएटी जैसी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से स्नातक स्तर के लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है।

    ये भी पढ़ें :

    वकील बनने के लिए चरणबद्ध प्रवेश प्रक्रिया

    वकील बनने की पूरी प्रक्रिया को निम्नलिखित चरणों में समझा जा सकता है:

    1. किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करें और चुने गए कोर्स एवं प्रवेश परीक्षा के लिए आवश्यक न्यूनतम अंक प्राप्त करें।

    2. अपनी रुचि और करियर योजनाओं के अनुसार लॉ कोर्स चुनें, जैसे बीए एलएलबी, बीबीए एलएलबी, बीकॉम एलएलबी, बीएससी एलएलबी या कोई अन्य उपयुक्त कोर्स।

    3. क्लैट, आईलेट, स्लैट या एमएच सीईटी लॉ, टीएस लॉसेट, एपी लॉसेट और केएलईई जैसी राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवेदन पत्र भरें।

    4. प्रवेश परीक्षा में शामिल हों और परिणाम जारी होने के बाद अपना रिजल्ट देखें।

    5. परीक्षा परिणाम के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें, कॉलेजों एवं कोर्स की पसंद भरें, आवंटित सीट स्वीकार करें, दस्तावेजों का सत्यापन कराएं, प्रवेश शुल्क जमा करें और संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट करें।

    6. पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी प्रोग्राम पूरा करें। इस दौरान कक्षाओं में भाग लेने के साथ इंटर्नशिप, मूट कोर्ट, कानूनी शोध और अन्य व्यावहारिक गतिविधियों में हिस्सा लें।

    7. लॉ डिग्री पूरी करने के बाद संबंधित स्टेट बार काउंसिल में अपना नामांकन कराएं।

    8. बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) उत्तीर्ण करें। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस प्रदान किया जाता है।

    9. वकील के रूप में योग्य होने के बाद उम्मीदवार अपनी रुचि के अनुसार अधिवक्ता के तौर पर प्रैक्टिस कर सकते हैं या कानूनी क्षेत्र में अन्य करियर विकल्प चुन सकते हैं।

    इसके अलावा, कुछ निजी विश्वविद्यालय और कॉलेज लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए कोई प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करते हैं। ऐसे संस्थानों में उम्मीदवारों का चयन कक्षा 12वीं में प्राप्त अंकों या विश्वविद्यालय की अपनी चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जा सकता है।

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    2026-27 प्रवेश सत्र के लिए लॉ प्रवेश परीक्षाएं

    पांच वर्षीय एलएलबी कोर्स में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों के लिए भारत में आयोजित प्रमुख लॉ प्रवेश परीक्षाएं निम्नलिखित हैं:

    क्लैट (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट)

    क्लैट भारत के भाग लेने वाले नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) में प्रवेश के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। क्लैट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन 3 अगस्त, 2026 से शुरू हो चुके हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2026 है। उम्मीदवार कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 6 दिसंबर, 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।

    क्लैट यूजी प्रश्नपत्र में कुल 120 प्रश्न होंगे और प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 2 घंटे का समय मिलेगा। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी।

    क्लैट 2027 सिलेबस

    सेक्शन

    प्रश्नों की संख्या

    अंग्रेजी भाषा

    22-26

    करेंट अफेयर्स एवं सामान्य ज्ञान

    28-32

    लीगल रीजनिंग

    28-32

    लॉजिकल रीजनिंग

    22-26

    क्वांटिटेटिव टेक्निक्स

    10-14

    क्लैट स्कोर को 25 एनएलयू, जीएनएलयू गांधीनगर के सिलवासा स्थित ऑफ-कैंपस और IIULER गोवा सहित कई अन्य लॉ कॉलेज स्वीकार करते हैं। हालांकि, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली (NLU Delhi) क्लैट प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है और यह अपने यहां प्रवेश के लिए अलग प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है।

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    आईलेट (ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट)

    एआईएलईटी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली (NLU Delhi) द्वारा अपने बीए एलएलबी कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा है। एनएलयू दिल्ली क्लैट काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। इसलिए, विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी प्रोग्राम में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों को आईलेट परीक्षा में शामिल होना होगा।

    एआईएलईटी 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन 7 अगस्त, 2026 से शुरू हो चुके हैं। उम्मीदवार 10 नवंबर, 2026 तक परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार एनएलयू दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। परीक्षा 13 दिसंबर, 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। एआईएलईटी यूजी परीक्षा में प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।

    एआईएलईटी (एनएलयू दिल्ली बीए एलएलबी) 2027 परीक्षा सिलेबस

    सेक्शन

    प्रश्नों की संख्या

    अंग्रेजी भाषा

    50

    करेंट अफेयर्स एवं सामान्य ज्ञान

    30

    लॉजिकल रीजनिंग

    70

    कुल

    150

    एमएच सीईटी लॉ (महाराष्ट्र कॉमन एंट्रेंस टेस्ट - लॉ)

    महाराष्ट्र स्टेट सीईटी सेल द्वारा महाराष्ट्र के लॉ कॉलेजों में 5 वर्षीय और 3 वर्षीय एलएलबी कोर्स में प्रवेश के लिए एमएच सीईटी लॉ प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है। कक्षा 12वीं उत्तीर्ण या इसमें शामिल होने वाले छात्रों को 5 वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम में प्रवेश के लिए पांच वर्षीय एमएच सीईटी लॉ परीक्षा देनी होती है। उम्मीदवार महाराष्ट्र स्टेट सीईटी सेल के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

    पांच वर्षीय एमएच सीईटी लॉ परीक्षा कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जाती है। परीक्षा में लीगल एप्टीट्यूड एवं लॉजिकल रीजनिंग, सामान्य ज्ञान एवं करेंट अफेयर्स, अंग्रेजी और बेसिक मैथमेटिक्स से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं। गलत उत्तरों के लिए कोई अंक नहीं काटा जाता है। एमएच सीईटी लॉ 2027 के लिए प्रवेश कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं की गई है।

    एसएलएटी (सिम्बायोसिस लॉ एडमिशन टेस्ट)

    एसएलएटी, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल (डीम्ड यूनिवर्सिटी) द्वारा सिम्बायोसिस लॉ स्कूल्स (SLS) के यूजी लॉ प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है। देश में चार सिम्बायोसिस लॉ स्कूल हैं—एसएलएस पुणे, एसएलएस नोएडा, एसएलएस हैदराबाद और एसएलएस नागपुर। एसएलएटी के माध्यम से दो प्रकार के इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम, बीए एलएलबी और बीबीए एलएलबी, में प्रवेश दिया जाता है। यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है।

    एसएलएटी 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर, 2026 है। उम्मीदवार एसएलएटी 2027 रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का पहला चरण 19 दिसंबर और दूसरा चरण 26 दिसंबर, 2026 को आयोजित किया जाएगा। उम्मीदवार दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं और दोनों में से प्राप्त उच्च स्कोर को प्रवेश प्रक्रिया के लिए माना जाएगा। एसएलएटी परीक्षा की अवधि एक घंटे की होती है और इसमें नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है।

    एसएलएटी 2027 सिलेबस

    सेक्शन

    प्रश्नों की संख्या

    लॉजिकल रीजनिंग

    12

    लीगल रीजनिंग

    12

    एनालिटिकल रीजनिंग

    12

    रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन

    12

    सामान्य ज्ञान

    12

    कुल

    60

    12वीं के बाद अन्य लोकप्रिय लॉ प्रवेश परीक्षाएं

    क्लैट, आईलेट, एमएच सीईटी लॉ और एसएलएटी के अलावा, छात्र पांच वर्षीय एलएलबी कोर्स में प्रवेश के लिए कई राज्य स्तरीय और विश्वविद्यालय स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं में भी शामिल हो सकते हैं।

    • टीएस लॉसेट (TS LAWCET): तेलंगाना के लॉ कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित तेलंगाना लॉ एप्टीट्यूड कम एडमिशन टेस्ट।

    • एपी लॉसेट (AP LAWCET): आंध्र प्रदेश के लॉ कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा।

    • केएलईई (KLEE): केरल राज्य स्तर की लॉ प्रवेश परीक्षा।

    • सीयूईटी बीए एलएलबी (CUET BA LLB): भाग लेने वाले विश्वविद्यालयों द्वारा यूजी लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए सीयूईटी स्कोर स्वीकार किया जाता है।

    • पीयू बीए एलएलबी प्रवेश परीक्षा: पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा अपने पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड यूजी लॉ कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।

    • एएमयू लॉ प्रवेश परीक्षा: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लॉ प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा।

    • कुसैट कैट (CUSAT CAT): कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CUSAT) के लॉ प्रोग्राम में प्रवेश के लिए कुसैट कैट स्कोर का उपयोग किया जाता है।

    • यूनिवर्सिटी स्तर की प्रवेश परीक्षाएं: कई निजी विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं। कुछ विश्वविद्यालय क्लैट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की लॉ प्रवेश परीक्षाओं में प्राप्त स्कोर के आधार पर भी दाखिला देते हैं।

    ये भी पढ़ें :एयर होस्टेस कैसे बनें? : योग्यता, कोर्स, फीस, चयन प्रक्रिया, सैलरी और करियर की पूरी जानकारी

    एनआईआरएफ 2025 लॉ रैंकिंग के आधार पर भारत के टॉप 10 लॉ कॉलेज

    एनआईआरएफ 2025 रैंक

    लॉ स्कूल/विश्वविद्यालय

    शहर

    एनआईआरएफ स्कोर

    1

    नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी

    बेंगलुरु

    82.97

    2

    नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

    नई दिल्ली

    80.00

    3

    नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ

    हैदराबाद

    79.50

    4

    द वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज

    कोलकाता

    79.39

    5

    गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी

    गांधीनगर

    76.23

    6

    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर

    खड़गपुर

    74.09

    7

    सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे

    पुणे

    74.07

    8

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया

    नई दिल्ली

    66.39

    9

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

    अलीगढ़

    65.82

    10

    शिक्षा 'ओ' अनुसंधान

    भुवनेश्वर

    65.36

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    एलएलबी फीस स्ट्रक्चर

    कॉलेज का प्रकार

    पांच वर्षीय एलएलबी की अनुमानित फीस

    सरकारी/सार्वजनिक कॉलेज

    50,000 रुपये से 7 लाख रुपये

    एनएलयू

    लगभग 9 से 11 लाख रुपये

    निजी लॉ यूनिवर्सिटी

    लगभग 12 से 21 लाख रुपये या अधिक

    लॉ कोर्स की फीस कॉलेज और विश्वविद्यालय के अनुसार अलग-अलग होती है। सरकारी कॉलेजों की फीस आमतौर पर कम होती है, जबकि निजी लॉ यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस अधिक हो सकती है।

    ये भी पढ़ें : 12वीं के बाद मर्चेंट नेवी कैसे जॉइन करें? कोर्स, योग्यता, एग्जाम, फीस और सैलरी

    लॉ करने के बाद करियर स्कोप

    पांच वर्षीय एलएलबी डिग्री के बाद छात्रों के लिए करियर के कई विकल्प उपलब्ध होते हैं। केवल कोर्टरूम लॉयर या अधिवक्ता बनना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। लॉ डिग्री पूरी करने के बाद उम्मीदवार निम्नलिखित क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं:

    • वकील और अधिवक्ता

    • कॉरपोरेट लॉयर

    • लॉ फर्म एसोसिएट

    • इन-हाउस लीगल काउंसिल

    • लीगल रिसर्चर

    • पॉलिसी रिसर्चर

    • न्यायिक अधिकारी, संबंधित न्यायिक सेवा परीक्षा की पात्रता शर्तों के अधीन

    • लीगल जर्नलिस्ट

    • लीगल कंसल्टेंट

    • लॉ टीचर और अकादमिक प्रोफेशनल

    • सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रोफेशनल

    • उद्यमी

    एलएलबी के बाद मिलने वाली सैलरी कॉलेज, नियोक्ता, कार्यक्षेत्र और अनुभव जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। टॉप लॉ फर्म में नौकरी पाने वाले ग्रेजुएट्स को आमतौर पर बेहतर शुरुआती सैलरी मिल सकती है। वहीं, लिटिगेशन के क्षेत्र में करियर शुरू करने वाले उम्मीदवारों की शुरुआती आय अपेक्षाकृत कम हो सकती है, लेकिन अनुभव और प्रैक्टिस के साथ उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।

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