Sharda University Admissions 2026
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अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण या All India Survey on Higher Education (AISHE) 2023 और क्लैट के आंकड़े भारत की कानूनी शिक्षा व्यवस्था में एक दिलचस्प विरोधाभास को उजागर करते हैं। वर्ष 2019 से 2023 के बीच जहां 5-वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम में नामांकन 90.48% बढ़कर 1,31,452 से 2,50,388 हो गया, वहीं क्लैट यूजी में छात्रों की भागीदारी 23.97% घटकर 56,247 से 42,766 रह गई। यानी, देशभर में कानूनी शिक्षा की मांग बढ़ रही थी, लेकिन राष्ट्रीय स्तर की कानून प्रवेश परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगातार कम हो रही थी।
इसके बाद वर्ष 2024 में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (एनएलयू) के कंसोर्टियम ने क्लैट परीक्षा कैलेंडर में महत्वपूर्ण बदलाव किया। परीक्षा को मई के बजाय उससे पहले वाले वर्ष के दिसंबर में आयोजित करने का फैसला किया गया। साथ ही, प्रश्नों की कुल संख्या 150 से घटाकर 120 कर दी गई। एनएलयू मेघालय, जीएनएलयू सिलवासा, एनएलयू त्रिपुरा और आईआईयूएलईआर गोवा जैसे नए संस्थान भी क्लैट कंसोर्टियम का हिस्सा बने। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय और आईआईएम रोहतक जैसे गैर-एनएलयू संस्थानों ने भी क्लैट स्कोर को स्वीकार कर परीक्षा की पहुंच और उपयोगिता को व्यापक बनाया।
इन बदलावों ने क्लैट में भागीदारी की गिरावट को उलट दिया। यूजी स्तर पर उम्मीदवारों की संख्या हर साल बढ़ी और 2026 में रिकॉर्ड 72,631 तक पहुंच गई। हालांकि, इस सुधार ने एक नया सवाल खड़ा किया—क्या परीक्षा कैलेंडर में बदलाव ने वास्तव में क्लैट में भागीदारी की समस्या को दूर किया, या फिर क्लैट केवल उस बढ़ती मांग के अनुरूप पहुंचने की कोशिश कर रहा था, जिसे AISHE के आंकड़े पहले से ही दर्ज कर रहे थे?
Admission Against Cancellation/Lapsed Seats | Pay 500 Application Fee instead of ₹1500 | NIRF Ranked 87 | NAAC A+ Grade | Upto 100% scholarship
Approved by Bar Counsel of India | Grade “A” by NAAC | Scholarship Available for Meritorious Students
वर्ष | कुल क्लैट पंजीकरण | क्लैट में उपस्थित उम्मीदवार | क्लैट यूजी में उपस्थित उम्मीदवार | क्लैट पीजी में उपस्थित उम्मीदवार | 5-वर्षीय एलएलबी नामांकन (AISHE) |
2019 | 69,587 | 62,834 | 56,247 | 6,587 | 1,31,452 |
2020 (कोविड) | 75,183 | 59,331 | 53,226 | 6,105 | 1,64,918 |
2021 (कोविड) | 70,277 | 62,106 | 53,532 | 8,574 | 1,97,330 |
2022* | 60,895 | 56,472 | उपलब्ध नहीं | उपलब्ध नहीं | 2,36,413 |
2023 | 54,163 | 51,469 | 42,766 | 8,703 | 2,50,388 |
2024 | 67,590 | 65,185 | 53,180 | 12,005 | —** |
2025 | 78,914 | 75,361 | 60,544 | 14,817 | —** |
2026 | 92,344 | 88,657 | 72,631 | 16,026 | —** |
* वर्ष 2022 के लिए कंसोर्टियम ने यूजी और पीजी उम्मीदवारों का अलग-अलग डेटा जारी नहीं किया था।
** AISHE ने वर्ष 2023 के बाद का नामांकन डेटा अभी प्रकाशित नहीं किया है।
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण या All India Survey on Higher Education (AISHE) ने वर्ष 2023 के बाद की अपनी रिपोर्ट अभी प्रकाशित नहीं की है। उपलब्ध आंकड़ों से पता चलता है कि 5-वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रमों में नामांकन हर साल बढ़ा है। अब यह देखना बाकी है कि 2024 से 2026 के बीच क्लैट में हुई वृद्धि क्या एलएलबी नामांकन के इसी रुझान के अनुरूप है।
हालांकि, क्लैट की बढ़ती स्वीकार्यता और उम्मीदवारों की संख्या में वृद्धि का यह अर्थ जरूरी नहीं है कि परीक्षा में भागीदारी समान रूप से सुलभ और निष्पक्ष हो गई है। रिकॉर्ड संख्या में उम्मीदवारों और विभिन्न सुधारों के बावजूद सवाल यह है कि क्या क्लैट वास्तव में सभी वर्गों के छात्रों के लिए एक परीक्षा है, या फिर यह मुख्य रूप से अंग्रेजी माध्यम और बेहतर संसाधनों वाले छात्रों की परीक्षा बनकर रह गई है? क्लैट की अपनी सुधार समिति ने भी परीक्षा को काफी हद तक “गेमेबल” (gameable) बताया है।
क्लैट की वर्तमान व्यवस्था की एक बड़ी कमी इसकी सीमित पहुंच और सुलभता है। भाषा इसमें एक प्रमुख बाधा बनकर सामने आती है। Careers360 की वर्ष 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने वाले सीबीएसई छात्रों के क्लैट में सफल होने की संभावना क्षेत्रीय शिक्षा बोर्डों के छात्रों की तुलना में छह से दस गुना अधिक है।
क्लैट 2026 सुधार समिति की रिपोर्ट में भी सुलभता के मुद्दे पर अलग से टिप्पणी की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि अंग्रेजी भाषा के लंबे और जटिल गद्यांशों पर अत्यधिक निर्भरता, तेजी से पढ़ने और उत्तर देने की अपेक्षा तथा क्षेत्रीय भाषाओं के विकल्प का अभाव बड़ी संख्या में छात्रों के लिए “संरचनात्मक नुकसान” (structural disadvantages) पैदा करता है।
समिति ने कानूनी शिक्षा और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी को पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों, गैर-अभिजात्य पृष्ठभूमि और गैर-महानगरीय क्षेत्रों के छात्रों तक अधिक सुलभ बनाने की सिफारिश की। इसके लिए केंद्रीय स्तर पर तैयार ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद के साथ सूचनात्मक वीडियो और स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाने जैसे सुझाव दिए गए, ताकि क्लैट को अधिक समानतापूर्ण और व्यापक स्तर पर सुलभ बनाया जा सके।
निजी कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी एक बड़ी बाधा है। क्लैट समिति ने माना है कि कोचिंग के बढ़ते प्रभाव ने परीक्षा को काफी हद तक “गेमेबल” बना दिया है। ऐसे में परीक्षा तक पहुंच और सफलता उन विशेषाधिकार प्राप्त उम्मीदवारों के पक्ष में झुक सकती है, जो महंगी कोचिंग और बेहतर तैयारी संसाधनों का खर्च उठा सकते हैं।
क्लैट के विपरीत,नीट औरजेईई जैसी अन्य प्रमुख राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं क्षेत्रीय भाषाओं में भी आयोजित की जाती हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अधिवक्ता योग्यता परीक्षा ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) भी क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित होती है। क्लैट को क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित करने का मुद्दा फिलहाल न्यायिक विचाराधीन है और इसे व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें एनएलयू में कानूनी शिक्षा के शिक्षण माध्यम का प्रश्न भी शामिल है।
कुल मिलाकर, क्लैट को दिसंबर में स्थानांतरित करने से भागीदारी में गिरावट की समस्या का एक हिस्सा जरूर हल हुआ दिखाई देता है। लेकिन असली सवाल अभी भी बना हुआ है—क्या क्लैट की बढ़ती संख्या वास्तव में अधिक समावेशी भागीदारी का संकेत है, या परीक्षा की पहुंच अब भी भाषा, सामाजिक पृष्ठभूमि और आर्थिक संसाधनों से प्रभावित है? क्लैट का अगला सुधार चरण शायद इसी सवाल का जवाब तय करेगा।
On Question asked by student community
Hello Student,
To access the CLAT Exam Preparation Guide, please refer to the article link provided below. It covers important preparation tips, study strategies and section-wise guidance to help you prepare effectively for CLAT.
https://law.careers360.com/articles/how-prepare-for-clat
Hope this Helps!
For CLAT, candidates should not prepare only a fixed list of questions because the examination tests conceptual understanding, reading ability and application skills.
Important areas include:
English Language
Reading comprehension
Vocabulary in context
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Main idea
Tone and author's viewpoint
Current Affairs & General Knowledge
National and international events
Government
Dear Student,
CLAT PG stands for Common Law Admission Test Postgraduate. CLAT PG is a national-level entrance examination for admission to LLM programmes offered by participating National Law Universities (NLUs) and other institutions.
Read more at : CLAT Full Form
Hey there,
If you mean CLAT eligibility for admission to 5-year LLB courses, there is no fixed CLAT score/rank that guarantees eligibility. You must first meet the basic Class 12 eligibility criteria, and admission is based on your CLAT rank, category, preferences, and counselling cut-offs.
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