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क्लैट यूजी 2025 के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के संशोधित रिजल्ट जारी करने के फैसले पर रोक लगा दी है। दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद संशोधित रिजल्ट और मेरिट जारी करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट 5 मई को इस मामले में सुनवाई करेगा और रिजल्ट को चुनौती देने वाले सभी पक्षकारों को उपस्थित रहने आदेश दिया है। सीएनएलयू ने इस बाबत एक नोटिस जारी कर इस बात की सूचना दी है।
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने क्लैट 2025 रिजल्ट पर अपना फैसला सुनाया। अपने फैसले में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू को चार सप्ताह के भीतर संशोधित क्लैट 2025 परिणाम जारी करने का आदेश दिया। इसका अर्थ था कि कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू को 21 मई, 2025 तक संशोधित क्लैट 2025 स्कोरकार्ड अपलोड करना था। लेकिन कंसोर्टियम ने स्रुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इस पर 5 मई को सुनवाई होगी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने कुछ आपत्तियों को स्वीकार कर लिया था और इन आपत्तियों के अनुसार परिणामों में संशोधन का आदेश दिया है। इसके अलावा, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने निर्दिष्ट अवधि के दौरान आपत्तियां नहीं उठाईं, उनकी आपत्तियां अब स्वीकार नहीं की जा सकतीं। दिल्ली उच्च न्यायालय का संपूर्ण निर्णय, आपत्तियों पर विचार, क्लैट संशोधित परिणाम आदि जानकारी के लिए लेख पढ़ें।
सीएनएलयू ने जारी सूचना में कहा है कि यूजी क्लैट 2025 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एसएलपी (सिविल) डायरी संख्या 22324/2025 (सिद्धि संदीप लड्डा बनाम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों का संघ और अन्य) में दिनांक 30 अप्रैल 2025 के अपने अंतरिम आदेश के माध्यम से डब्ल्यूपी (सिविल) संख्या 4157/2025 (शिवराज शर्मा बनाम राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों का संघ) और संबंधित मामलों में माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के संचालन पर रोक लगा दी है और परिणामस्वरूप ऐसे फैसले के अनुरूप संशोधित अंक/मेरिट सूची के प्रकाशन पर रोक लगा दी है।
कंसोर्टियम के अनुरोध पर, माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जिन उम्मीदवारों ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष CLAT परिणामों को चुनौती दी थी, उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अब शुरू की गई कार्यवाही की सूचना दी जाए, ताकि मामले की सुनवाई की जा सके और उस पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 5 मई, 2025 को की जानी है। इसलिए, दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही में भाग लेने वाले उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे तदनुसार सूचना लें और न्यायालय के समक्ष अपने प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक व्यवस्था करें, क्योंकि कंसोर्टियम मामले के शीघ्र निर्णय के लिए अनुरोध करेगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू को चार सप्ताह के भीतर संशोधित क्लैट 2025 परिणाम जारी करने और उन्हें अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने का आदेश दिया है। आदेश सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "हमने अभ्यर्थियों की कुछ आपत्तियों को स्वीकार कर लिया है। हमने कहा है कि जिन लोगों ने विंडो अवधि के भीतर आपत्तियां नहीं उठाईं, उनकी आपत्तियों पर निर्णय नहीं लिया जा सकता। हम एनएलयू कंसोर्टियम को निर्देश देते हैं कि वह मार्कशीट को संशोधित करे और 4 सप्ताह में अंतिम चयनित उम्मीदवारों को पुनः प्रकाशित और पुनः अधिसूचित करे।”
इसके अलावा, दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने पूरे आदेश में प्रत्येक आपत्ति और प्रश्न पर विस्तृत जानकारी दी है। आंसर की के विरुद्ध आपत्तियों का उल्लेख करते हुए, जो वास्तव में आपत्ति अवधि के भीतर कंसोर्टियम के समक्ष दर्ज नहीं की गईं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि ऐसी आपत्तियों पर अब विचार नहीं किया जा सकता। फैसला खत्म करते हुए अदालत ने कहा, "जिन उम्मीदवारों ने इस मामले में विचार किए गए प्रश्नों का प्रयास किया है और वे सभी उम्मीदवार जिन्हें विश्लेषण के मद्देनजर लाभ दिया जा सकता है। परिणामस्वरूप, मामले का निपटारा किया जाता है।"
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू को क्लैट 2025 के संशोधित परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। क्लैट 2025 के संशोधित परिणाम अपलोड करने की अंतिम तिथि 21 मई है। कंसोर्टियम को इस तिथि से पहले संशोधित परिणाम अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। हालाँकि, कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू इस तिथि से पहले संशोधित परिणाम अपलोड करने पर विचार कर सकता है। उम्मीद है कि कंसोर्टियम ऑफ एनएलयू को दिल्ली एचसी की सुनवाई के बाद जल्द ही क्लैट 2025 के संशोधित परिणाम घोषित करेगा।
क्लैट 2025 पीजी याचिकाओं पर वर्तमान में दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। क्लैट 2025 पीजी याचिकाओं की अंतिम सुनवाई की तारीख 21 अप्रैल थी। समय की कमी के कारण दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुनवाई को बाद की तारीख में स्थानांतरित कर दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट में क्लैट पीजी 2025 याचिका की अगली सुनवाई 2 मई को होगी। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले क्लैट यूजी याचिकाओं को खत्म करने पर जोर दिया है ताकि यूजी छात्रों के लिए जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो सके।
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